दूध को लेकर सरकार और सख्ती में, ये है नए नियम !

इस साल के मिल्क सर्वे में बड़ी कंपनियों के दूध में एंटीबायोटिक और बाकी कैमिकल पाए जाने के कुछ मामलों के सामने आने के बाद यह फैसला किया गया है की अब मवेशियों के चारे का BIS सर्टिफाइड होना जरूरी होगा | FSSAI ने कैटल फीड के नए स्टैंडर्ड्स बनाए हैं | जिसके मुताबिक अब BIS मार्क वाले चारे का इस्तेमाल अनिवार्य हो गया है | यह नियम जून 2020 से लागू होगा |

अगर देखा जाये तो सरकार ने अब खाद्य पदार्थो में बढती मिलावट के खिलाफ जो अभियान चलाया है उसके चलते मिलावट खोरी कुछ हद तक कम हो गयी है |

डेरी तथा घरेलू स्तरों पर दूध की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एनडीडीबी ने भी कदम उठाए हैं | दूध में आम तौर पर की जानेवाली मिलावट का पता लगाने के लिए एनडीडीबी द्वारा व्यावसायिक रेडी टू यूज किट विकसित की गई है। किट तीन पैक साइजों  – छोटे, मध्यम और बड़े, में  उपलब्ध है तथा इसका प्रयोग विशिष्ट कार्य अर्थात घरेलू स्तर, डेरी सहकारी समिति स्तर तथा डेरी प्लांट स्तर पर किया जा सकता है। किट में आसान और तत्काल की जा सकने वाली  परीक्षण पद्धति से दूध में परीक्षण अभिकर्मक डालने पर बदलते रंग के आधार पर दूध में यूरिया, अमोनिया उर्वरक, नाइट्रेट उर्वरक/तालाब का पानी, स्टार्च तथा  अनाज का आटा, सुक्रोज, ग्लूकोज, नमक, न्यूट्रालाइजर्स तथा हाइड्रोजन पेरोक्साइड का पता लगाया जा सकता है। अप्रशिक्षित व्यक्ति भी थोडा अथवा बिना प्रशिक्षण के इस किट का उपयोग कर सकते हैं।


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