
दूध अपने आप में एक सम्पूर्ण आहार है | गाय-भैंस के अलावा बाजार में विभिन्न कंपनियों का पैक्ड दूध भी उपलब्ध होता है। जोकि फुल क्रीम, टोंड एवं डबल टोंड के नाम से आपको आसानी से उपलब्ध हो जाता है | इन सभी की अपनी उपयोगिता है, पर चिकित्सकों की राय अनुसार बच्चों के लिए फुल क्रीम दूध बेहतर है तो बड़ों के लिए कम फैट वाला दूध। दूध में 85 प्रतिशत जल होता है और शेष भाग में ठोस तत्व यानी खनिज व वसा होता है |

जहाँ तक सवाल है की दूध का रंग सफ़ेद क्यों होता है तो इसकी सफेदी का कारण इसमें कैसिन नामक प्रोटीन का होना होता है | दूध में जो वसा होती है उसके कारण भी उसका रंग सफ़ेद होता है जितनी ज्यादा दूध में वसा की मात्रा होगी दूध उतना ही सफ़ेद होगा | भैंस के दूध मैं गाय के दूध से अधिक वसा होती है इसलिए भैंस का दूध गाय के दूध से अधिक सफ़ेद दिखाई देता है | वैज्ञानिक कारणों की तरफ ध्यान दे तो कैसिन नामक प्रोटीन प्रकाश को पूरी तरह से अवशोषित नही करता और प्रकाश को जस का तस लोटा देता है | क्योकि कैसिन के अणु के कारण प्रकाश जस के तस लोट जाता है इसलिए हमे दूध का रंग सफ़ेद ही दिखाई देता है |
