क्यों अमूल और मदर डेरी ने दूध के दाम बढ़ाये ?
वर्ष 2019 डेरी से जुड़े हर सक्श को याद रहेगा | क्योकि हर साल दूध के दाम सर्दियाआते ही इतने घट जाते थे और कंपनिया दूध का पाउडर बनाकर स्टॉक करने में लग जाती थी | क्योकि दूध पाउडर 8 से 10 महीने तक ख़राब नहीं होता तो कंपनिया गर्मियों में जब दूध एवं दूध उत्पाद जैसे दही , आइसक्रीम , छाछ आदि की मांग बढ़ जाती थी और ग्रामीण क्षत्रो में दूध की कमी हो जाती थी जो की गर्मियों में आम बात है तब डेरी कंपनी उस स्टॉक का उपयोग करके बाज़ार की डिमांड को नियंत्रित करती थी परन्तु इस साल की सर्दियों में उल्टा हो रहा है न तो दूध की खपत कम हो रही है न ही पाउडर स्टॉक हो पा रहा है क्योकि सर्दिया आने पर अबकी बार दूध की कमी बनी रही और साफ़ देखी भी गयी | जिससे ग्रामीण दूध संग्रह मूल्य भी नही घटे |

इस वर्ष दो बार दूध के दाम बढे पहले मई और अब दिसम्बर | यही वजह रही की डेरी कंपनिया जहाँ स्कीम भी दे देती थी वहां कॉस्ट कट करने के लिए लगातार अपने सेल्स आदि स्टाफ की छटाई भी करती दिखी | दूध के रेट बढ़ना इन कंपनियों के लिए ऑक्सीजन की तरह ही साबित हो रहा है | लेकिन ये तो हमारे विचार है |
अगर हमारे पशुपालक भाईयों की तरफ भी देंखे तो इस वर्ष मानसून में आई देरी और मंहगे चारे की वजह भी उनके लिए मुसीबत बढ़ा रहे है | कहा जाये तो आम आदमी चाहे किसान हो, पशुपालक हो या नोकरी करने वाला हो | हर कोई इन कारणों से परेशान ही है |
देखते है की इसपर न्यूज़ एजेंसियों की क्या प्रतिक्रिया है |
