Dahi me kon sa bacteria hota hai ?

दूध को दही में बदलने वाले जिवाणु का नाम ?

मास्टर जी- दूध को दही में बदलने वाले जिवाणु का नाम बताओ ?

हरयाणवी छात्र- आपका प्रश्न ही गलत है हमारे यहाँ दूध को दही में बदलने वाले को जिवाणु नही जामण कहते हैं|

ये तो एक मजाक था पर क्या आप जानते है की दूध को दही में बदलने वाले जिवाणु ( bacteria) का नाम क्या है ? दही जमाने की तरक़ीब किसकी खोज है? दही का इतिहास क्या है |

हमारे देश में प्राचीन काल से ही दही का उपयोग होता आ रहा है | जिसका प्रमाण वेद, वैदिक ग्रंथो और पुराणों में भी मिल जायेगा | कृष्ण भगवान तो माखनचोर और दहीचोर के तौर पर मशहूर ही हुए |

दही, भारतीय थाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. थाली में दही होने का मतलब है कि आपकी थाली स्वादिष्ट होने के साथ ही पौष्ट‍िक भी है.

हमारे देश में, योगहर्ट को “दही (कर्ड (curd)” के नाम से व्यावसायिक रूप से बेचा जाता है, या अधिक सामान्य रूप से इसके स्थानीय नाम हैं जैसे “दही” (हिंदी), पेरुगु (तेलुगु), तयिर (तमिल), मोसरू (कन्नड़), तैरॅ (मलयालम) और योगहर्ट (विदेश में) सुनने में आता है। दही पांच आहुतियों (पंचामृत) में से एक है जिसे अक्सर हिंदु धार्मिक कार्यों में इस्तेमाल किया जाता है। भारत के कई भागों में, भोजन में अक्सर दही जरुर शामिल होता है। ऐसा माना जाता है कि यह पाचन में मदद करती है और एसिडिटी में लाभकारी है।

जिनेवा स्टेमन ग्रिगोरोव (1878-1945) में चिकित्सा के बुल्गेरियाई विद्यार्थी ने सबसे पहले बुल्गेरिया की दही में माइक्रो फ्लोरा की जांच की. 1905 में उन्होंने कहा कि इसमें गोलाकार और छड़ के आकार के लैक्टिक अम्ल जीवाणु (lactic acid bacteria) पाए जाते हैं। 1907 में छड़ के आकार के जीवाणु को लेक्टोबेसिलस बुल्गेरिकस (Lactobacillus bulgaricus) कहा गया। (अब इसे लेक्टोबेसिलस डेलब्रूएकी उप प्रजाति बुल्गेरिकस (Lactobacillus delbrueckii subsp. bulgaricus) कहा जाता है |

जी हाँ दूध को दही में बदलने वाले जिवाणु का नाम लेक्टोबेसिलस (Lactobacillus ) है |

दही चलते-फिरते करोड़ों जीवाणुओं का भंडार है  | दही को दूध के जीवाण्विक किण्वन के द्वारा बनाया जाता है। लैक्टोज के किण्वन से लैक्टिक अम्ल बनता है, जो दूध के प्रोटीन पर कार्य करके इसे दही की बनावट और दही की लाक्षणिक खटास देता है।

हाल में हुई एक स्टडी के अनुसार, दही में मौजूद तत्व शरीर को कई तरीके से फायदा पहुंचाते हैं. ये प्रो-बायोटिक फूड कैल्शियम से भरपूर होता है. कैल्शियम की उपस्थिति दांत और हड्डियों को मजबूती देने का काम करती है.

कैल्शियम के साथ ही ये विटामिन और दूसरे ऐसे कई पोषक तत्वों से भी भरपूर है जो शरीर के लिए जरूरी होते हैं. दही पाचन क्रिया के लिए भी बहुत कारगर है. य‍हां कुछ ऐसे ही कारणों का उल्लेख है जिससे ये साबित होता है कि दही खाना स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है:

1. रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए
हर रोज एक चम्मच दही खाने से भी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. इसमें मौजूद गुड बैक्टीरिया इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाते हैं.

2. दांतों के लिए फायदेमंद
दही दांत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है. इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम और फॉस्फोरस उपस्थित होता है. ये हड्ड‍ियों की मजबूती के लिए भी बहुत फायदेमंद है. ये ऑस्ट‍ियोपोरोसिस और गठिया में राहत देने का काम करता है.

3. वजन घटाने में कारगर
दही में बहुत अधिक मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है. ये एक ऐसा तत्व है जो शरीर को फूलने नहीं देता है और वजन नहीं बढ़ने देने में सहायक होता है.

4. तनाव कम करने में
दही खाने का सीधा संबंध मस्त‍िष्क से है. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि दही का सेवन करने वालों को तनाव की शिकायत बहुत कम होती है. इसी वजह से विशेषज्ञ रोजाना दही खाने की सलाह देते हैं.

5. ऊर्जा के लिए
अगर आप खुद को बहुत थका हुआ महसूस कर रहे हैं तो हर रोज दही का सेवन करना आपके लिए अच्छा रहेगा.  ये शरीर को हाइड्रेटेड करके एक नई ऊर्जा देने का काम करता है.

Leave a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.