वायरल विडियो का सच ..अमूल दूध को उबालने के बाद ऐसा लग रहा है कि उसमें प्लास्टिक मिला हो |

अमूल के दूध में प्लास्टिक जैसे मटैरियल की मिलावट का दावा |

क्या है वायरल विडियो में ..

आजकल सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हो रहा है जिसमे कोई कहते हुए सुनाई दे रहा है कि, कल चार लीटर दूध लिया गया अमूल का…इसमें दिखाया जा रहा है कि 14 तारीख तक हम इस्तेमाल कर सकते हैं…पैकेट में भी यही लिखा है कि 14 तारीख तक इस्तेमाल कर सकते हैं…और इसका बारकोड भी है…दूध को उबालने के बाद ऐसा लग रहा है जैसे प्लास्टिक हो…पूरा प्लास्टिक पी रहा है आदमी…अमूल से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती…कृपया इसे शेयर करें…ऐसी कंपनियों को सजा मिलनी ही चाहिए…मैं यह वीडियो कंपनियों को भी शेयर करता हूं…कंपनी ने स्टेप नहीं उठाया तो मैं फूड एंड सप्लाय में भी जाता हूं…। 

दावा किया जा रहा है कि अमूल दूध को उबालने के बाद ऐसा लग रहा है कि उसमें प्लास्टिक मिला हो

अमूल दूध की भारत वर्ष में सबसे अधिक सेल होने के कारण अमूल दूध भारत के लगभग सभी शहरों के कौने -2 तक फैला हुआ है | तो आइये पहले जानते है अमूल डेरी के बारे में |

अहमदाबाद से लगभग 100 की मी की दूरी पर बसा एक छोटा शहर है आणंद। आणंद’ देश के दूध की राजधनी के नाम से प्रसिद्ध है। अमूल जोकि देश के सबसे प्रसिद्ध डेयरी (दुधशाला) का निर्माण 1946 मे हुआ था। उस दौरान गुजरात मे केवम् एक ही डेयरी थी, पोलसन डेयरी जिसकी स्थापना 1930 मे हुई थी। पोलसन डेयरी उत्तम श्रेणी के लोगों मे बहुत प्रख्यात था। किंतु साथ ही वह देशी किसानों के शोषण के लिये भी विख्यात हो गया। राष्ट्रीय नेता श्री सरदार पटेल ने कुछ उत्तेजित किसानों के साथ इसके खिलाफ नॉन-कॉपरेशन आन्दोलन शुरु कर दिया। इसके परिणामस्वरुप 14 दिसम्बर 1946 मे अमूल इ’डिया की स्थापना हुई। आरंभ मे वह बगैर किसी निश्चित वितरित नेटवर्क के, वह केवल दुध एवं उसके अन्य उत्पादों कि आपूर्ति करते है। इसकी शुरुवात केवल दो संस्थानों और शिर्फ 247 लीटर दुध के साथ हुइ थी। और आज जैसा की आपको पहले से ही ज्ञात है की अमूल ब्रांड का नाम ही काफी है |

अब दावे पर आते है …

  • दावा किया जा रहा है कि अमूल दूध को उबालने के बाद ऐसा लग रहा है कि उसमें प्लास्टिक मिला हो |
  • जबकि वीडियो में जो दिखाया जा रहा वह दूध में एसिडिटी बढ़ जाने से होता है, जो बहुत आम है |
  • ऐसा तब भी होता है जब हम दूध से पनीर बनाते है | बस आप थोड़ा सा विनेगर या नींबू का रस गर्म दूध में डाल दें |

सोशल मीडिया पर दूध का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया गया है कि अमूल कंपनी दूध मिलावट के साथ बेच रही है। 3 मिनट 57 सेकंड के इस वीडियो में दावा किया गया है कि दूध को उबालने के बाद ऐसा लग रहा है जैसे दूध में प्लास्टिक जैसा कुछ मिला हो।

क्या वायरल

एक वीडियो इंटरनेट पर सर्च करने हमें यूट्यूब के कई चैनलों पर यह मिला। हालांकि, किसी भी विश्वसनीय संस्थान ने इस बारे में कुछ प्रकाशित-प्रचारित नहीं किया

 

जबकि यह अमूल का नाम खराब करने के मकसद से प्रचारित-प्रसारित किया जा रहा है। 

  • ‘इस वीडियो में दिखाई गई समस्या किसी भी दूध के ब्रांड में आम बात है। ऐसा दूध में एसिडिटी (अम्लीय) बढ़ जाने से होता है। एसिडिटी दूध को दिशानिर्दशों के अनुसार नहीं रखे जाने से बढ़ जाता है। इस वीडियो से यह साफ है कि दूध के फटने के दौरान यह गरम किया गया था। इससे केसीन के छोटे कण  बने जो दूध को हिलाए जाने के कारण एक साथ जुट गए। इसके चलते चीज़/पनीर जैसा पदार्थ बना और व्हेय अलग हुआ जो हरे रंग जैसे तरल के रूप में बर्तन में दिख रहा है। सभी से अनुरोध है कि इस मैसेज को उन सभी को भेजें जिन्हें ये विडियो मिला है ताकी यह उस व्यक्ति तक पहुंचे जिसने ये विडियो बनाया है और लोगों को इसके पीछे का सही कारण पता चले।  हमें इस बात से खेद है कि दूध को गलत तरीके से इस्तेमाल कर अमूल ब्रांड को बदनाम किया जा रहा है। हमें विश्वास है कि 36 लाख किसानों की संस्था अमूल के लाखों उपभोक्ता इस विडियो के पीछे की बुरी मंशा समझेंगे।’

निष्कर्ष : अमूल कंपनी ने वीडियो में दी गई जानकारी को गलत बताया है। 

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